भारताचे सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General of India – SGI)
भारताचे सॉलिसिटर जनरल (SGI) हे केंद्र सरकारच्या प्रमुख कायदा अधिकाऱ्यांपैकी एक असून, ते देशाच्या कायदेशीर व्यवस्थेचा एक महत्त्वपूर्ण आधारस्तंभ आहेत. हे पद वैधानिक स्वरूपाचे असून केंद्र सरकारला कायदेशीर सल्ला देणे आणि न्यायालयांत सरकारचे प्रतिनिधित्व करणे ही त्यांची प्रमुख भूमिका आहे.
📘 भारताच्या सॉलिसिटर जनरलविषयी
- सॉलिसिटर जनरल हे भारताचे महान्यायवादी (Attorney General of India) यांच्यानंतर देशातील दुसरे सर्वोच्च कायदा अधिकारी मानले जातात.
- महान्यायवाद्यांना त्यांच्या अधिकृत कर्तव्यांमध्ये सॉलिसिटर जनरल व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मदत करतात.
- सॉलिसिटर जनरल आणि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयांमध्ये भारत सरकारच्या वतीने हजर राहतात.
टीप : भारताच्या संविधानात सॉलिसिटर जनरल व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल या पदांचा उल्लेख नाही. म्हणून ही पदे वैधानिक (Statutory)आहेत, घटनात्मक नाहीत.
📍 मुख्यालय
विधी अधिकारी (सेवाशर्ती) नियम, 1987 नुसार:
- सॉलिसिटर जनरल – नवी दिल्ली
- अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल – नवी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई (मद्रास) किंवा प्रयागराज (अलाहाबाद) — केंद्र सरकार वेळोवेळी निश्चित करते
🖋️ नियुक्ती प्रक्रिया
पंतप्रधानांच्या अध्यक्षतेखालील मंत्रिमंडळ नियुक्ती समिती (Appointments Committee of the Cabinet – ACC) संबंधित व्यक्तीच्या नावाला मंजुरी दिल्यानंतर भारताच्या सॉलिसिटर जनरलची नियुक्ती करण्यात येते.
⏳ कार्यकाळ
विधी अधिकारी (सेवाशर्ती) नियम, 1987 नुसार:
- सॉलिसिटर जनरलचा कार्यकाळ 3 वर्षांचा असतो.
- कार्यकाळ संपल्यानंतर, त्याच पदावर पुन्हा नियुक्ती केली जाऊ शकते (तीन वर्षांपेक्षा अधिक नाही).
⚖️ कर्तव्ये व कार्ये
- भारत सरकारला कायदेशीर बाबींवर सल्ला देणे
- सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयांत भारत सरकारच्या वतीने हजर राहणे (दावे, रिट याचिका, अपील इ.)
- संविधानाच्या कलम 143 अंतर्गत राष्ट्रपतींनी केलेल्या संदर्भात भारत सरकारचे प्रतिनिधित्व करणे
- संविधान किंवा अन्य कायद्यांद्वारे सोपवलेली कार्ये पार पाडणे
🚫 मर्यादा
हितसंबंधांचा संघर्ष टाळण्यासाठी सॉलिसिटर जनरल व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल यांच्यावर खालील निर्बंध घालण्यात आले आहेत:
- भारत सरकार, राज्य सरकार किंवा सरकारी/सरकार-नियंत्रित संस्थांव्यतिरिक्त इतर कोणत्याही पक्षासाठी न्यायालयात बाजू मांडता येत नाही
- भारत सरकार किंवा सार्वजनिक क्षेत्रातील उपक्रमांविरुद्ध कोणत्याही पक्षाला सल्ला देता येत नाही
- सरकारी परवानगीशिवाय फौजदारी खटल्यात आरोपीचा बचाव करता येत नाही
- सरकारच्या परवानगीशिवाय कोणत्याही कंपनी किंवा महामंडळात पद स्वीकारता येत नाही
भारताचे सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General of India – SGI) यादी
| # | सॉलिसिटर जनरल | कार्यकाळ सुरू | कार्यकाळ समाप्त | कार्यकाळाचा कालावधी | पंतप्रधान |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चंदर किशन दाफ्तरी | 28 जानेवारी 1950 | 1 मार्च 1963 | 13 वर्षे, 32 दिवस | जवाहरलाल नेहरू |
| 2 | एच. एन. सन्याल | 2 मार्च 1963 | 9 सप्टेंबर 1964 | 1 वर्ष, 191 दिवस | जवाहरलाल नेहरू / लाल बहादूर शास्त्री |
| 3 | एस. व्ही. गुप्ता | 10 सप्टेंबर 1964 | 16 सप्टेंबर 1967 | 3 वर्षे, 6 दिवस | लाल बहादूर शास्त्री / इंदिरा गांधी |
| 4 | निरेन दे | 30 सप्टेंबर 1967 | 30 ऑक्टोबर 1968 | 1 वर्ष, 30 दिवस | इंदिरा गांधी |
| 5 | जगदीश स्वरूप | 5 जून 1969 | 4 जून 1972 | 3 वर्षे, 365 दिवस | इंदिरा गांधी |
| 6 | लाल नारायण सिन्हा | 17 जुलै 1972 | 5 एप्रिल 1977 | 4 वर्षे, 262 दिवस | इंदिरा गांधी |
| 7 | एस. एन. कॅकर | 5 एप्रिल 1977 | 2 ऑगस्ट 1979 | 2 वर्षे, 119 दिवस | मोरारजी देसाई |
| 8 | सोली जहांगीर सोराबजी | 9 ऑगस्ट 1979 | 25 जानेवारी 1980 | 169 दिवस | चरण सिंग |
| 9 | केशव परासरन | 6 मार्च 1980 | 8 ऑगस्ट 1983 | 3 वर्षे, 155 दिवस | इंदिरा गांधी |
| 10 | मिलन कुमार बॅनर्जी | 4 एप्रिल 1986 | 3 एप्रिल 1989 | 2 वर्षे, 364 दिवस | राजीव गांधी |
| 11 | अशोक देसाई | 18 डिसेंबर 1989 | 2 डिसेंबर 1990 | 349 दिवस | व्ही. पी. सिंग |
| 12 | ई. डी. गिरी | 4 डिसेंबर 1990 | 1 डिसेंबर 1991 | 362 दिवस | चंद्र शेखर |
| 13 | दिपांकर पी. गुप्ता | 9 एप्रिल 1992 | 10 एप्रिल 1997 | 5 वर्षे, 1 दिवस | पी. व्ही. नरसिंह राव / एच. डी. देवेगौडा |
| 14 | तेहम्टन आर. अंध्यारुजिना | 11 एप्रिल 1997 | 4 एप्रिल 1998 | 358 दिवस | इंदर कुमार गुजराल |
| 15 | नित्ते संतोष हेगडे | 10 एप्रिल 1998 | 7 जानेवारी 1999 | 272 दिवस | अटल बिहारी वाजपेयी |
| 16 | हरीश साळवे | 1 नोव्हेंबर 1999 | 3 नोव्हेंबर 2002 | 3 वर्षे, 2 दिवस | अटल बिहारी वाजपेयी |
| 17 | किरित रावल | 4 नोव्हेंबर 2002 | 19 एप्रिल 2004 | 1 वर्ष, 167 दिवस | अटल बिहारी वाजपेयी |
| 18 | गुलाम एस्साजी वहानवटी | 20 जून 2004 | 7 जून 2009 | 4 वर्षे, 352 दिवस | मनमोहन सिंग |
| 19 | गोपाल सुब्रमण्यम | 15 जून 2009 | 14 जुलै 2011 | 2 वर्षे, 29 दिवस | मनमोहन सिंग |
| 20 | रोहिंटन फली नरिमन | 23 जुलै 2011 | 4 फेब्रुवारी 2013 | 1 वर्ष, 196 दिवस | मनमोहन सिंग |
| 21 | मोहन परासरन | 15 फेब्रुवारी 2013 | 26 मे 2014 | 1 वर्ष, 100 दिवस | मनमोहन सिंग |
| 22 | रणजित कुमार | 7 जून 2014 | 20 ऑक्टोबर 2017 | 3 वर्षे, 135 दिवस | नरेंद्र मोदी |
| 23 | तुषार मेहता | 10 ऑक्टोबर 2018 | पदस्थ | सध्याचे कार्यकाळ | नरेंद्र मोदी |
🔚 निष्कर्ष
थोडक्यात सांगायचे झाल्यास, भारताचे सॉलिसिटर जनरल व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल हे देशाच्या कायदेशीर चौकटीचे महत्त्वपूर्ण आधारस्तंभ आहेत. ते कायद्याचे राज्य टिकवून ठेवतात, केंद्र सरकारचे न्यायालयीन कामकाज सक्षम करतात आणि संविधानिक मूल्यांचे संरक्षण करण्यास मोलाची भूमिका बजावतात.

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